TMC के दोनों गुटों को मिले नए नाम-चिह्न : चुनाव आयोग ने पुराना नाम और सिंबल किया फ्रीज
Vishal Choyal
पश्चिम बंगाल।19 सितंबर 2026। भारतीय चुनाव आयोग ने दिनांक 17 सितंबर 2026 को अंतरिम आदेश जारी कर पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में दोनों गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया।
बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद TMC में विवाद सामने आया और पार्टी दो गुटों में बंट गई। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में वर्तमान नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों ने पार्टी को लेकर अपना-अपना दावा किया, जिसके बाद यह मामला चुनाव आयोग में पहुंच गया।
इसके बाद चुनाव आयोग ने TMC के मुख्य नाम और चिह्न को फ्रीज कर दोनों गुटों से नए नाम एवं चिह्न के विकल्प मांगे थे। बाद में दोनों गुटों को नए नाम एवं चिह्न आवंटित किए गए।
इसमें ममता बनर्जी की पार्टी को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम दिया गया है और चुनाव चिह्न "फुटबॉल खिलाड़ी" होगा।
साथ ही रितब्रत बनर्जी की पार्टी का नाम "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" और चुनाव चिह्न "एनवेलप" होगा।
आयोग ने कहा कि दोनों गुटों को समान स्थिति में रखने एवं उनके हितों की रक्षा के उद्देश्य से यह अंतरिम आदेश पारित किया गया है।
चुनाव आयोग ने क्या निर्देश दिए
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्ष आगामी बंगाल उपचुनाव में "ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" एवं उसके चिह्न (दो फूल और घास) का इस्तेमाल न करें।
आयोग ने दोनों पक्षों को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक अपनी पसंद के नाम और चिह्न बताने को कहा, जो "ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" से मिलते-जुलते हो सकते थे।
इसी तरह का फैसला चुनाव आयोग ने शिवसेना के विभाजन के मामले में भी लिया था।
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