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फ्लाईदुबई फ्लाइट में बड़ा संकट टला : घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

Vishal Choyal

1 hour ago 22 views
घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

दुबई/तेल अवीव। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर उनके को-पायलट ने कथित रूप से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में कुल 174 लोग सवार थे।

आखिर कौन हैं कैप्टन स्मित माछर?

कैप्टन स्मित माछर भारतीय पायलट हैं और फ्लाईदुबई में कमर्शियल पायलट के रूप में कार्यरत हैं। 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में उनके ओमानी को-पायलट के साथ हिंसक घटना हुई, जिसमें कैप्टन माछर गंभीर रूप से घायल हो गए।

रिपोर्टों के मुताबिक, विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और स्थिति बेहद गंभीर हो गई। घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अंदर पहुंचकर हमलावर को रोकने का मौका मिला।

फ्लाइट FZ1073 में क्या हुआ?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित माछर और उनके को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में हमले में इस्तेमाल हथियार को लेकर चाकू और विमान के इमरजेंसी क्रैश एक्स का उल्लेख किया गया है। ऐसे में इस संबंध में अंतिम जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।

हमले में कैप्टन माछर के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हमलावर को काबू करने में मदद की।

विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने इसके बाद विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

उड़ान में मौजूद डॉक्टर ने किया इलाज

घटना के बाद कैप्टन स्मित माछर को शुरुआती चिकित्सा सहायता मिली। रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट में मौजूद एक इजराइली डॉक्टर ने भी घायल कैप्टन की मदद की। तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए अबू धाबी ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

प्रधानमंत्री मोदी ने की कैप्टन माछर की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित माछर से बातचीत की और उनके साहस की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर खतरे और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहस और प्रयासों से सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली। उन्होंने कैप्टन माछर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित माछर वीडियो कॉल पर बातचीत करते हुए

इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया सच्चा हीरो

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे यात्रियों और क्रू को हमलावर को रोकने का मौका मिला।

विदेश मंत्रालय ने दी स्वास्थ्य की जानकारी

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत कैप्टन स्मित माछर की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्हें सऊदी अरब के तबुक से अबू धाबी ले जाया गया है, जहां उनका आगे इलाज और रिकवरी जारी है। विदेश मंत्रालय ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

पीएम मोदी से बातचीत में कैप्टन ने बताई पूरी घटना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित माछर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह नीचे गिर गए थे। उन्हें लगा कि विमान की स्थिति बिगड़ रही है और अगर उन्होंने उठकर कुछ नहीं किया तो स्थिति और खराब हो सकती है।

इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला। दरवाजा खुलने के बाद अन्य लोग अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद मिली।

कैप्टन माछर ने इस पूरी घटना में यात्रियों और अन्य लोगों की भूमिका को भी अहम बताया।

कैप्टन स्मित माछर के साहस और सूझबूझ की भारत सहित कई देशों में सराहना हो रही है। घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के कारणों की जांच अभी जारी है।

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