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गणेश चतुर्थी पर खजराना गणेश मंदिर में विशेष श्रृंगार : 7 करोड़ के स्वर्ण-हीरे के आभूषणों से सजे बप्पा

Vishal Choyal

2 weeks ago 125 views
7 करोड़ के स्वर्ण-हीरे के आभूषणों से सजे बप्पा

इंदौर। 14 सितंबर 2026। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया। पंचामृत अभिषेक के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने ध्वज पूजन किया।

7 करोड़ के स्वर्ण-हीरे के आभूषणों से हुआ श्रृंगार

गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणपति बप्पा का श्रृंगार 7 करोड़ रुपये के स्वर्ण एवं हीरे के आभूषणों से किया गया। वहीं, बप्पा को सवा लाख मोदकों का भोग भी लगाया गया। विशेष श्रृंगार के दर्शन करने के लिए मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर स्वर्ण और हीरे के आभूषणों से सजे भगवान गणेश

खजराना गणेश मंदिर की खास बातें

उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा

खजराना गणेश मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा भी विशेष आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि जो भक्त मन्नत मांगने के लिए मंदिर आते हैं, वे दीवार के पीछे की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं और भगवान गणेश को मोदक का भोग अर्पित करते हैं।

सिंदूर और घी से प्रतिदिन होता है श्रृंगार

भगवान गणेश की मूर्ति का प्रतिदिन सिंदूर और घी के लेपन से श्रृंगार किया जाता है। मान्यता है कि इस कारण प्रतिमा ने समय के साथ विशाल स्वरूप धारण किया है।

लगभग 300 वर्ष पुरानी बताई जाती है प्रतिमा

खजराना गणेश मंदिर की भगवान गणेश की प्रतिमा लगभग 300 वर्ष पुरानी बताई जाती है। मंदिर का निर्माण होलकर वंश की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने करवाया था।

स्थानीय मान्यता के अनुसार, स्वप्न में स्वयं गणपति बप्पा ने एक स्थानीय पंडित को दर्शन देकर मूर्ति के उसी स्थान पर होने की बात बताई थी। इसके बाद खुदाई करने पर उसी स्थान से भगवान गणेश की प्रतिमा मिलने की बात कही जाती है। तत्पश्चात महारानी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर का निर्माण करवाकर प्रतिमा की स्थापना कराई।

तब से लेकर आज तक खजराना गणेश मंदिर की यह प्रतिमा भक्तों की आस्था और श्रद्धा का अटूट केंद्र बनी हुई है।

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